खोज करो

अध्ययन 14

छुटकारा : येशु मसीह शैतान द्वारा परखा गया ।

मत्तियाह 4:1-11

चरण 1: कहानी पढ़ें

निम्नलिखित पाठ को पढ़ें या सुनें

x1.0

4:1इसके बाद पवित्र आत्मा के निर्देश में येशु को बंजर भूमि ले जाया गया कि वह शैतान द्वारा परखे जाएं. 2उन्होंने चालीस दिन और चालीस रात उपवास किया. उसके बाद जब उन्हें भूख लगी, 3परखने वाले ने उनके पास आकर कहा, “यदि तुम परमेश्वर-पुत्र हो तो इन पत्थरों को आज्ञा दो कि ये रोटी बन जाएं.”

4येशु ने उसे उत्तर दिया, “मनुष्य का जीवन सिर्फ भोजन पर नहीं, बल्कि परमेश्वर के मुख से निकले हुए हर एक शब्द पर भी निर्भर है.”

5तब शैतान ने येशु को पवित्र नगर में ले जाकर मंदिर के शीर्ष पर खड़ा कर दिया 6और उनसे कहा, “यदि तुम परमेश्वर-पुत्र हो तो यहां से नीचे कूद जाओ, क्योंकि लिखा है,

  “वह अपने स्वर्गदूतों को तुम्हारे संबंध में
    आज्ञा देंगे तथा वे तुम्हें हाथों-हाथ उठा लेंगे
    कि तुम्हारे पैर को पत्थर से चोट न लगे.”

7उसके उत्तर में येशु ने उससे कहा, “यह भी तो लिखा है तुम प्रभु अपने परमेश्वर को न परखो.”

8तब शैतान येशु को अत्यंत ऊंचे पर्वत पर ले गया और विश्व के सारे राज्य और उनका सारा ऐश्वर्य दिखाते हुए उनसे कहा, 9“मैं ये सब तुम्हें दे दूंगा यदि तुम मेरी दंडवत-वंदना करो.”

10इस पर येशु ने उसे उत्तर दिया, “हट, शैतान! दूर हो! क्योंकि लिखा है, तुम सिर्फ प्रभु अपने परमेश्वर की ही आराधना और सेवा किया करो.”

11तब शैतान उन्हें छोड़कर चला गया और स्वर्गदूत आए और उनकी सेवा करने लगे.

चरण 2: फिर से वही कहानी दोहराएं

कुछ समय लेकर खुद के शब्दों के कहानी फिर से सुनाएं। बुलंद आवाज़ में बोलें, या लिखें। यदि कहानी याद रखने में आपको कठिनाई हो तो कहानी पुनः पढ़ें या सुनें।

चरण 3: कहानी पर मनन करें

जब आपको लगे कि आप कहानी अच्छे से समझ चुके हैं, तो कुछ समय इसपर मनन चिंतन करें या निम्न प्रश्नों पर चर्चा करें।


Get it on Google Play
Download on the App Store

Get Discovery Bible Studies on your phone

Discover copyright ©2015-2026 discoverapp.org

Biblica® हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि™ - सर्वाधिकार © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. Biblica® Open Hindi Contemporary Version - Copyright © 1978, 2009, 2016, 2019 by Biblica, Inc.